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Cultural movements and educational issues

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बलराज साहनी के जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करने वाली पुस्तक

पुस्तक समीक्षा : 'बलराज साहनी एक समर्पित और सृजनात्मक जीवन', सम्पादक : ज़ाहिद ख़ान, प्रकाशक : गार्गी प्रकाशन नई दिल्ली, पेज़ : 208, मूल्य : 240 रुपए

बलराज साहनीकिताबसमीक्षा
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भारतीय जन नाट्य संघ मध्य प्रदेश का राज्य सम्मेलन अनूपपुर में संपन्न

इप्टा के राज्य सम्मेलन में 'सदाचार का तावीज़' के ज़रिए गूँजे परसाई के बोल

भारतीय जन नाट्य संघइप्टाआईपीटीए
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ऋत्विक घटक : क्रान्ति, पीड़ा और दृश्य-भाषा की खोज

'कोमल गांधार' के एक दृश्य में, मंच पर खड़ा वृद्ध रिफ्यूजी भृगु बार-बार अपने छूटे हुए देश, पद्मा नदी और जीवन की आदतों को याद करते हुए पूछता है—“रिफ्यूजी क्यों बनूँ?” दूसरी आवाज़ उत्तर देती है—“रोटी मिलेगी, इसलिए जाओ उस पार, बाबुओं ने कागज़ में नाम दे दिया है—रिफ्यूजी।”

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किताब समीक्षाऋत्विक घटकBook Review
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ऋत्विक घटक का चिन्तन अपने देशवासियों के प्रति था

"लोगों से प्रेम करना, उनकी सेवा करना और उनके लिए बोलना...और यह सब कला के माध्यम से अभिव्यक्त होना चाहिए।''- ऋत्विक घटक

about 2 months ago
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ऋत्विक घटकफ़िल्मकारभारतीय सिनेमा
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राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थानों में हस्तक्षेप सत्ता के फासीवाद की ओर एक और कदम है…

केंद्रीय सत्ता राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं की स्वतंत्रता को समाप्त कर उन्हें अपाहिज बनाकर अपनी कृपादृष्टि का पात्र बनाने की राजनीति कर रही है।

प्रलेसपीडबल्यूएसाहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाओं में सरकारी हस्तक्षेप