
ईरान-अमेरिका-इज़राइल तनाव: अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक व्यवस्था के लिए एक परीक्षा
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Global affairs and international solidarity

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आयदा टूमा सुलेमान के साथ जेरूसलम में - विनीत तिवारी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिवमंडल ने 3 जनवरी, 2026 निम्नलिखित बयान जारी किया:

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिवमंडल ने 5 जनवरी, 2026 निम्नलिखित बयान जारी किया:

एआईवाईएफ़ ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमले की कड़ी निंदा करते हुए 03 जनवरी, 2026 को निम्नलिखित प्रेस विज्ञप्ति जारी की है:

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अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता के लिए अपनी प्रतिबद्धता, साम्राज्यवादी युद्ध, आर्थिक संकट, जलवायु आपदा और बढ़ती असमानता के खिलाफ दुनिया भर में कम्युनिस्ट और प्रगतिशील ताकतों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित हो।

अमेरिका वेनेजुएला की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करके उसके प्राकृतिक संसाधनों की लूट के लिए सैन्य हमला करना बंद करे।

UN treaty CBS – Convention on Biological Diversity, mandates every nation accessing Plant Germplasm to accrue the benefits to the community by building schools, hospitals and others. Western seed MNCs have not pay so far any benefits to the local communities.

संयुक्त राष्ट्र की सीबीएस (लाभ साझाकरण पर कन्वेंशन) संधि स्पष्ट कहती है कि जिस देश से पौधों का जर्मप्लाज्म लिया जाए, वहाँ की समुदाय को स्कूल, अस्पताल आदि बनवाकर लाभ पहुँचाना अनिवार्य है। लेकिन पश्चिमी बीज कंपनियों ने आज तक कोई लाभ नहीं दिया।

अपने देश में बाँध विस्थापितों के नर्मदा बचाओ आंदोलन में या आदिवासी संगठनों के आंदोलनों में राज्य की हिंसा की वारदातों में, या सांप्रदायिक हिंसा पीड़ित इलाक़ों में स्वतंत्र जाँच दल के सदस्य की हैसियत से जाने पर अनेक बार पुलिस तथा सांप्रदायिक-फ़ासीवादी विचार वाले लोगों से आमना-सामना भी हुआ और झड़प भी, लेकिन फ़लस्तीन यात्रा मेरे लिए मानसिक तौर पर ज़्यादा चुनौतीपूर्ण थी। कभी डर का ऐसा अहसास नहीं हुआ था जैसा फ़लस्तीन जाते वक़्त हुआ। एक दूसरे देश में जहाँ इज़रायल ने हथियारों की ताक़त के दम पर इंसाफ़ को क़ैद किया हुआ है, जहाँ इतने बड़े-बड़े सीसीटीवी कैमरे लगे हैं कि लगता है, वे आपको कपड़ों में भी बिना कपड़ों के देख रहे हों, जो आपके सोचे हुए को भी जाँ लेते होंगे, जहाँ चप्पे-चप्पे पर हथियारबंद फौजी होना आम बात है, और जहाँ इज़रायल ने 75 वर्षों से भी ज़्यादा वक़्त से नस्लीय हिंसा फैला रखी है, वहाँ फ़लस्तीनियों के हाल जानना, उनसे मिलना कभी भी आशंकाओं से खाली नहीं होता था। लेकिन एक निश्चय था कि फ़लस्तीन के इंसाफ़ के संघर्ष को जानना और उसे जितना ज़्यादा हो सके, उतने लोगों तक पहुँचाना भी ज़रूरी है, इसीलिए मैं डर और ख़तरे के बावजूद वहाँ गया। - विनीत तिवारी (फ़लस्तीन से लौटकर)

24वें विश्व महाधिवेशन इंटरनेशनल फिजिशियन्स फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वॉर (आईपीपीएनडबल्यू) का संदेश।

वियतनाम यूनियन ऑफ़ फ्रेंडशिप ऑर्गनाइज़ेशन्स और ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गनाइज़ेशन ने संयुक्त कार्यक्रम कर दिया पुरस्कार।