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रेलवे में नौकरी कटौती के खिलाफ युवाओं का फूटा आक्रोश: एआईवाईएफ ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को भेजे हजारों पोस्टकार्ड

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हैदराबाद / वारंगल: भारतीय रेलवे में दो प्रतिशत नौकरियों (लगभग उनतीस हजार छह सौ आठ पदों) की कटौती के फैसले के खिलाफ तेलंगाना के युवाओं में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआईवाईएफ) ने इस फैसले के विरोध में राज्यव्यापी स्तर पर विशाल प्रदर्शन करते हुए एक व्यापक पोस्टकार्ड अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत हैदराबाद के दिलसुखनगर और वारंगल के पोचम्मा मैदान सेंटर स्थित इकबाल मीनार में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए।

इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में आरआरबी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों और बेरोजगार युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी युवाओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के नाम हजारों पोस्टकार्ड भेजे। एआईवाईएफ की वारंगल जिला परिषद के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत विशेष रूप से पांच सौ पोस्टकार्ड भेजे गए, जिनमें रेलवे रोजगार पर केंद्र की नीतियों के खिलाफ युवाओं की चिंताओं और गुस्से को व्यक्त किया गया।

एआईवाईएफ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सैयद वली उल्लाह कादरी और राज्य महासचिव कल्लुरु धर्मेंद्र ने रेलवे बोर्ड के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार बताया। नेताओं ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे में कुल 14,80,455 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 10 लाख के करीब कर्मचारी ही कार्यरत हैं। रेलवे में लगभग तीन से चार लाख पद पहले से ही खाली हैं, ऐसे में नई भर्तियां करने के बजाय दो प्रतिशत नौकरियों में कटौती करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। एआईवाईएफ ने इस कदम को 'सुधार' मानने से इनकार करते हुए इसे 'रोजगार नष्ट करने का प्रयास' करार दिया।

प्रदर्शन के दौरान एआईवाईएफ ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि लाखों पद रिक्त होने के बावजूद नए भर्ती अभियान क्यों नहीं चलाए जा रहे हैं, आरआरबी परीक्षा के परिणाम अब तक लंबित क्यों हैं, और रोजगार के अवसर बढ़ाने के बजाय नौकरियों को कम करने की दिशा में कदम क्यों उठाए जा रहे हैं।

एआईवाईएफ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार अपनी युवा-विरोधी नीतियों को तुरंत वापस नहीं लेती है, तो देशव्यापी स्तर पर बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे। संगठन की प्रमुख मांगों में भारतीय रेलवे के सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करना, दो प्रतिशत नौकरी कटौती के फैसले को तुरंत वापस लेना, लंबित आरआरबी परिणामों की जल्द घोषणा करना और युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल है।

आंदोलन को और तेज करने की रूपरेखा तैयार करते हुए एआईवाईएफ ने घोषणा की है कि पांच से सात मई तक प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को पोस्टकार्ड और ईमेल भेजने का अभियान जारी रहेगा। इसके पश्चात, आठ मई को हैदराबाद स्थित दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्यालय 'रेल निलयम' का घेराव कर विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इन विरोध कार्यक्रमों में एआईवाईएफ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सैयद वली उल्लाह कादरी, राज्य सचिव कल्लुरु धर्मेंद्र, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नेरलाकांति श्रीकांत, वारंगल जिला सचिव मस्का सुधीर, राज्य परिषद के सदस्य आर. बालकृष्ण, शेख महमूद, करीम, किरण, प्रदीप, कुमार, जगदीश, मतीन, एमडी अब्बू, यूसुफ, रमेश सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और भारी संख्या में युवा मौजूद रहे।

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