Featured image for: एआईकेएस ने की उत्तर प्रदेश में पुलिस दमन की कड़ी निंदा
Agriculture

एआईकेएस ने की उत्तर प्रदेश में पुलिस दमन की कड़ी निंदा

3 min read
1 views
Share:

काशी धाम कॉरिडोर को कॉर्पोरेट रियल एस्टेट घोटाला बताया; नेताओं की अवैध गिरफ्तारी पर योगी सरकार को चेतावनी

नई दिल्ली, 26 मार्च 2026: अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के पुलिस आतंक की कड़ी निंदा की है। संगठन ने जौनपुर, सुल्तानपुर, मऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य स्थानों पर हुई अवैध पुलिस छापेमारी तथा एआईकेएस नेताओं राजेंद्र यादव, जनार्दन राम और रामकुमार भारती की अवैध गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस किसानों के प्रतिरोध को कभी नहीं रोक सकती।

एआईकेएस ने केंद्र सरकार और योगी सरकार से मांग की है कि श्री काशी धाम कॉरिडोर तथा आस्था का सहारा लेकर कॉर्पोरेट मुनाफे को बढ़ावा देने वाली अन्य परियोजनाओं को तुरंत वापस ले लिया जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार श्री काशी धाम कॉरिडोर के नाम पर एक गुजराती कंपनी एचसीपी डिजाइन एंड मैनेजमेंट द्वारा डिजाइन की गई 1.3 लाख करोड़ रुपये की विशाल रियल एस्टेट व्यवसाय योजना को आगे बढ़ा रही है। इस रियल एस्टेट कॉरिडोर के लिए योगी सरकार वाराणसी के 29 गांवों के हजारों हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर रही है।

अखिल भारतीय किसान सभा लगातार श्री काशी धाम कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के नाम पर रियल एस्टेट व्यवसाय के लिए हो रहे इस अवैध भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को उठाती रही है। एआईकेएस इस मुद्दे पर 2019 में मोदी सरकार द्वारा इसकी घोषणा के समय से ही संघर्ष कर रही है। एआईकेएस और प्रभावित किसानों ने स्पष्ट घोषणा कर दी है कि एक इंच भी जमीन अधिग्रहण नहीं होने दी जाएगी। किसानों और महिलाओं ने एक स्वर में कहा है, “जान देंगे पर जमीन नहीं देंगे…!”

एआईकेएस ने 26 मार्च 2026 को वाराणसी के पिंडरी गांव में किसान महापंचायत का आयोजन किया था। संगठन किसानों और प्रभावित लोगों के साथ बड़े पैमाने पर जुटान कर रहा था। बढ़ते प्रतिरोध के डर से उत्तर प्रदेश पुलिस ने अत्यधिक अन्यायपूर्ण भूमिका अपनाते हुए सुल्तानपुर, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और पूर्वांचल के अन्य स्थानों में कई एआईकेएस नेताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार किया।

एआईकेएस के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व विधायक राजेंद्र यादव को पिंडरी (वाराणसी) जाते समय जौनपुर में गिरफ्तार कर लिया गया। जनार्दन राम को भी गिरफ्तार किया गया। मऊ से एआईकेएस नेता रामकुमार भारती को देर रात उनके घर पर अवैध पुलिस छापे के साथ गिरफ्तार किया गया। गाजीपुर, सुल्तानपुर और पूर्वांचल के अन्य जिलों के एआईकेएस नेताओं को भी इसी तरह गिरफ्तार किया गया।

इस दमन के बावजूद एआईकेएस भाजपा सरकार की लोगों की आस्था का फायदा उठाने वाली व्यवसायिक योजना का डटकर मुकाबला करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों पर किए गए अत्याचारी दमन की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश पुलिस के दमनकारी कृत्यों की न्यायिक जांच की मांग की है।

एआईकेएस ने तथाकथित काशी धाम कॉरिडोर और अन्य विकास परियोजनाओं को तत्काल वापस लेने की मांग की है, जो वास्तव में एक रियल एस्टेट व्यवसाय हैं। संगठन ने कहा कि भूमि माफिया के मुनाफे के लिए किसान अपनी भूमि और मकानों का अधिग्रहण कभी नहीं होने देंगे।

एआईकेएस ने योगी सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह सभी एआईकेएस नेताओं और किसानों को तुरंत रिहा करे। संगठन ने आरोप लगाया कि मोदी और भाजपा कॉर्पोरेट भूमि हड़पने के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की आस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। एआईकेएस ने कहा कि वह भाजपा सरकारों की जनविरोधी नीतियों का प्रतिरोध जारी रखेगी।

 

Tags:
AIKSAIKS UPHouse ArrestKisan Leaderएआईकेएसऑल इंडिया किसान सभाअखिल भारतीय किसान सभाहाउस अरैस्टनज़रबंदकिसान नेताउप्र किसान सभाकाशी धाम कॉरिडोर

Comments (0)

Please log in to comment

No comments yet. Be the first to comment!