भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर की गई छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध का एक स्पष्ट कृत्य बताया है। यह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के खुलेआम दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य वामपंथियों को डराना-धमकाना, राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना और संघीय सिद्धांतों को कमजोर करना है।
विपक्ष शासित राज्यों और असहमत राजनीतिक आवाजों के खिलाफ ईडी जैसी एजेंसियों का बार-बार हथियार के रूप में इस्तेमाल करना लोकतंत्र और संघवाद के लिए एक गंभीर खतरा है। राजनीतिक विपक्ष को चुप कराने और डराने-धमकाने के इन तानाशाही प्रयासों के खिलाफ सभी लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और संघीय ताकतों को एक साथ आना चाहिए।





